नई दिल्ली, मई 26 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली। पारिवारिक विवादों में समय से निपटारा करने के लिए देशभर में स्थापित किए गए कुल 914 परिवार अदालतों में 12 लाख 55 हजार से अधिक मामले लंबित है। अदालतों में पारिवारिक विवाद कम होने के बजाए और बढ़ता जा रहा है। परिवार न्यायालय में मुकदमों का समय से निपटारा नहीं होने की वजह से न सिर्फ आपस में बल्कि भावनात्मक तनाव बढ़ता है, जिसकी वजह से विवाद का समुचित समाधान निकालने में बाधा आती है। इसका खुलासा, कानून मंत्रालय के एक दस्तावेज से हुआ है, जिसे हाल ही में संसद में पेश किया गया है। संसद में पेश अपने दस्तावेज में कानून मंत्रालय ने परिवार न्यायालयों में लंबित मुकदमों के त्वरित और समय से निपटारे के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्रियों और सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र लिखा ...
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