गढ़वा, फरवरी 22 -- भवनाथपुर, प्रतिनिधि। स्थानीय परियोजना बालिका उच्च विद्यालय भवनाथपुर की छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण के तहत हिंडालको स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और रिहंद बांध का भ्रमण कराया गया। हिंडालको स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के एचआर सेबेस्टियन जोश ने एल्युमिनियम के खनन से गगन तक के सफर को बारीकी से बताया। उन्होंने कहा कि अल्युमिनियम का प्रयोग घरों में बर्तन, खिड़की, दरवाजे, बिजली उपकरण के रूप में उपयोग होने के अलावा वाहन, रेलवे, एरोप्लेन में भी इसका उपयोग हो रहा है। यह संयंत्र एशिया में दूसरे स्थान पर है, जहां एक ही जगह पर एल्युमिनियम की सारे प्रक्रिया की जाता है। 1958 में स्थापित हिंडालको प्लांट अपनी विश्वसनीयता के कारण आज पूरे विश्व में दूसरे स्थान पर है और वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय है। छात्राओं को इसमें करियर की अपार संभावनाओं को बारीकी से बताया और...
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