गाजीपुर, दिसम्बर 11 -- गाजीपुर। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके शाही ने बताया कि वर्तमान समय में धान के फसल की कटाई हो रही है, जिसके खेतों में हार्वेस्टर से कटायी करने के बाद पराली उपलब्ध है। इसे किसान खेतों में जला देते है, जिसके कारण प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि सभी गोआश्रय स्थल पर 15 दिसंबर तक विशेष पराली संग्रह अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें किसानों के खेतों से पराली संग्रह करते हुए निराश्रित गोशाला में रखा जाएगा। किसानों के खेतों से पराली संग्रह करने के लिए मनरेगा सहित अन्य वित्त से दी जाएगी। किसान गोआश्रय स्थल में पराली पहुंचा सकते हैं, जिसका भुगतान भी किया जाएगा। इससे संबंधित पूरी जानकारी के लिए कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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