लखनऊ, दिसम्बर 18 -- राजधानी को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए इलेक्ट्रिक सवारी वाहनों (ई-रिक्शा और ई-ऑटो) को परमिट प्रणाली से जोड़ने की तैयारी है। परिवहन विभाग के निर्देश पर आरटीओ प्रवर्तन रिपोर्ट बना रहा है। वर्तमान में परमिट की अनिवार्यता न होने के कारण परिवहन विभाग इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। शहर में ई-रिक्शों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। लखनऊ में लगभग 70 हजार पंजीकृत ई-रिक्शा हैं, जबकि 25 हजार से अधिक ऐसे हैं जिनका पंजीकरण समाप्त हो चुका है। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में ऐसे वाहन भी हैं जो फिटनेस मानकों पर खरे नहीं उतरते और जिन पर 40 से 50 चालान लंबित हैं।
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