रिषिकेष, जनवरी 15 -- परमार्थ निकेतन में 78वें सेना दिवस पर गुरुवार को मंत्रोच्चार, शिवाभिषेक के साथ विश्व शांति की प्रार्थना की गई। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भारतीय सेना केवल हमारी सीमाओं की रक्षा नहीं करती, बल्कि वह भारत की आत्मा, अस्मिता और स्वाभिमान की प्रहरी है। उन्होंने कहा, हमारे वीर सैनिक वेतन के लिए नहीं, वतन के लिए जीते हैं। उनका जीवन त्याग, तप और राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना केवल एक सैन्य शक्ति नहीं, बल्कि भारत की मर्यादा, संकल्प और स्वाभिमान की जीवंत प्रतीक है। उनका अनुशासन हमें जीवन में संयम सिखाता है, उनका साहस हमें निर्भय बनाता है और उनका त्याग हमें राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध कराता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सैनिकों के जीवन से प्रेरणा लें और अपने भीतर राष्ट्रभक्ति, अनुशासन...