रिषिकेष, मार्च 9 -- परमार्थ निकेतन में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज हो गया। यहां सात दिनों तक 50 देशों के एक हजार से अधिक योग साधक योगाभ्यास करेंगे। महोत्सव के पहले दिन साधकों ने योग की विभिन्न विधाओं का अभ्यास किया और उनकी महत्ता के बारे में जाना। पहले दिन प्रातःकाल 4:30 बजे ब्रह्ममूहुर्त से योग की विधाओं की शुरूआत हुई। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि योग, शिव और शक्ति का मिलन है, जिससे शान्ति और प्रेम का मार्ग प्रशस्त होता है। योग की जन्मभूमि में आकर योग केवल शरीर का नहीं बल्कि आत्मा का भी होता है। उत्तराखंड तो पूरे विश्व को एकत्र करने और जोड़ने के लिये योग करता है। योग का अभ्यास व्यक्ति को न केवल शारीरिक शक्ति प्रदान करता है, बल्कि आत्मिक जागरूकता और मानसिक शांति भी देता है। उन्होंने कहा कि योग...
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