मैनपुरी, जुलाई 13 -- ग्राम जसराजपुर के वाईबीएस सेंटर पर चल रहे श्रमनेर प्रशिक्षण शिविर में डॉक्टर भिक्षु उपनंद द्वारा बच्चों को जिलों के बारे में अध्ययन कराया गया। भिक्षु ने पाली में गाथाएं याद कराईं। कहा कि तथागत ने न तो किसी भी चीज का खंडन किया और न ही मंडन किया है। जैसे दूध में मक्खन छिपा है पर वह प्रार्थना से प्राप्त नहीं हो सकता। उसी तरह परमात्मा को जानने के लिए ध्यान में डुबकी लगाना जरूरी है। सुरेश बौद्ध ने गृहस्थ को सबसे बड़ा धर्म बताया। भंते उपनंद थेरो, रविंद्र सिंह, बाबूलाल कुशवाहा, विशाल कुमार, रंजीत कुमार, पुष्पेंद्र कुमार सिंह, अजब सिंह, इंद्रेश कुमार, धर्म मित्र, प्रियनंदन भंते, आनंद, आलोक दीप, आनंद शाक्य मौजूद रहे। इसके साथ ही बीटी एक्ट के विरोध में चल रहे धरने में बीती रात संकिसा भिक्षु एसोसिएशन ने अपना समर्थन दिया है। भिक्...
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