बोकारो, दिसम्बर 15 -- बोकारो प्रतिनिधि। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में निजी व विदेशी कंपनियों के प्रवेश और बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों का कड़ा विरोध करता है। पार्टी ने इन निर्णयों को देश के रणनीतिक हितों, जनसुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता के लिए घातक बताया है। पार्टी के राज्य कमेटी सदस्य राज कुमार गोरांई ने बयान जारी कर कहा केंद्र सरकार संसद के मौजूदा सत्र में परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम, 2010 में संशोधन करने जा रही है। इन प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य निजी कंपनियों के साथ विदेशी तकनीक व उपकरण आपूर्तिकर्ताओं के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करना है। उन्होंने कहा...