अल्मोड़ा, जनवरी 5 -- पश्चिमी जगत में योग और ध्यान की अलख जगाने वाले, क्रिया योग के आचार्य परमहंस योगानंद का 133वां आविर्भाव सोमवार को मनाया गया। लोगों ने योगानंद के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। योगदा सत्संग साखा आश्रम में हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पांच जनवरी 1893 को योगानंद का आविर्भाव हुआ था। इसे योगदा परंपरा में अत्यंत पावन और प्रेरणादायी दिवस के रूप में स्मरण किया जाता है। परमहंस योगानंद ने महावतार बाबाजी, लाहिड़ी महाशय और स्वामी युक्तेश्वर की अखंड परंपरा से प्राप्त क्रिया योग को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया। उनकी कालजयी कृति ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी सर्वाधिक प्रभावशाली आध्यात्मिक पुस्तकों में गिनी जाती है। कार्यक्रम में योगदा बालकृष्णालय के बच्चों की ओर से भजनों की प्रस्तुति दी गई। आश्रम प्रभारी स्वामी वासुदेवानंद ने बच...