खगडि़या, मई 30 -- परबत्ता। एक प्रतिनिधि पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रखंड मुख्यालय में बनाए गए प्रखंड नर्सरी को पुनर्जीवित करने का सपना अधर में है। वही विभाग के किसी अधिकारी ने आज तक नर्सरी को पुनर्जीवित करने के लिए कोई कदम उठाना मुनासिब नहीं समझा है। स्थिति यह कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण योजना, जल जीवन हरियाली आदि अंतर्गत किसानों द्वारा अपनी खेतों में बाग बगीचा लगाने के लिए दूसरे जिले से वृक्ष लाने को विवश हैं। बताया जाता है कि परबत्ता प्रखंड की स्थापना के साथ ही स्थानीय के दौरान बुद्धिजीवियों व अधिकारियों के प्रयास से लगभग तीन एकड़ जमीन में प्रखंड नर्सरी की व्यवस्था की गई थी। नर्सरी की से स्थानीय प्रखंडवासियों को बारिश के मौसम में अनुदानित मूल्य पर फलदार व लकड़ी के लिए विभिन्न प्रकार के पौधे उपलब्ध कराए जाते थे। जानकारों की माने...
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