लखीसराय, मार्च 3 -- दिग्विजय कुमार, बड़हिया। चतुर्दिक विकास की सोच रखने वाले समाज में शौच अब भी हासिये पर है। नित्य कर्म में शामिल शौच निवृति की व्यवस्थाएं सार्वजनिक स्तर पर अब भी निम्न दर्जे की है। दिन प्रतिदिन बढ़ती आबादी, और उनकी जरूरतों की आपूर्ति के लिए बाजार तेजी से बढ़ रहे हैं। स्व्च्छता को शरीर और समाज के लिए आवश्यक मान कर सरकारी योजना के तहत हर घर शौचालय को बढ़ावा दिया जा रहा है। तमाम तरह के जन जागरूकताओं के माध्यम से लिंग भेद के असामानताओं को पाट कर हर किसी के लिए समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बावजूद सार्वजनिक स्थलों पर शौच निवृति, शर्मिंदगी का विषय बना हुआ है। जिससे बड़हिया बाजार भी अछूता नहीं है। हजारों की आबादी और 26 वार्डों से युक्त बड़हिया स्वयं में नगर परिषद और प्रखंड है। नौ पंचायतो वाले प्रखंड मुख्यालय बड़हिया में प्रखंड सह...
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