भभुआ, फरवरी 17 -- किसान परेशान, दुकानदार बेहाल, बढ़ती लागत और गिरते भाव ने तोड़ी कमर मौसम, बीमारी और बाजार व्यवस्था की मार से खेत से शहर तक संघर्ष तेज (बोले भभुआ) भभुआ, नगर संवाददाता। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पपीता की खेती करने वाले किसान और इसे बेचने वाले दुकानदार इन दिनों दोहरी मार झेल रहे हैं। एक तरफ खेती में बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और कीट व रोग की समस्या किसानों की कमर तोड़ रही है, तो दूसरी तरफ बाजार में उचित दाम नहीं मिलने से विक्रेताओं की आमदनी प्रभावित हो रही है। पपीता की खेती को कभी नकदी फसल के रूप में देखा जाता था, लेकिन वर्तमान हालात ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। स्थानीय किसान रमाकांत मौर्य और बिरजू कुशवाहा बताते हैं कि बीज, खाद, दवा और सिंचाई पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। कई खेतों में पपीता के पौधों में ब...