हापुड़, अक्टूबर 14 -- हापुड़। जिले में खाद्य पदार्थो में मिलावट का खेल खुलेआम फल फूल रहा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सितंबर माह में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की कोर्ट से 22 मामले निर्णित हुए, इसमें 15 मिलावटखोरों पर 4.60 लाख का अर्थदंड लगाया गया है। जबकि सात नमूने मानक के अनुरूप पाए गए है। इसमें रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले पनीर, दूध, दही, मैदा आदि भी खाने लायक नहीं है। जिलेवासियों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधी प्रशासन विभाग की टीम आम दिनों में भी लगातार छापेमारी कार्यवाही कर रही है। लेकिन इसके बावजूद भी मिलावटखोर सुधरने के लिए तैयार नहीं है। यह हम नहीं, ब्लकि खाद्य विभाग के आकंडे बता रहे है। विभाग की टीम द्वारा अगस्त माह में लिए गए नमूनों को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.