वाराणसी, जनवरी 30 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू पत्रकारिता विभाग में गुरुवार को 'हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष: दशा एवं दिशा' विषयक संगोष्ठी हुई। मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार और महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के आचार्य प्रो. कृपाशंकर चौबे रहे। उन्होंने कहा कि आजादी के संघर्ष में पत्रकारिता ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध जनचेतना जगाई। प्रो. चौबे ने हरिहर दत्त, राजा राममोहन राय और पंडित युगल किशोर शुक्ल के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि 'उदंत मार्तंड' हिंदी पत्रकारिता की नींव है। उन्होंने समाचार सुधावर्षण, दिल्ली उर्दू अखबार, पयामे आजादी, कवि वचन सुधा और हिंदी प्रदीप जैसे पत्रों के ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि सामाजिक विज्ञान संकाय के पूर्व प्रमुख प्रो. अरविंद कुमार जोशी रहे। अतिथियों का स्वागत...