सिद्धार्थ, फरवरी 10 -- भनवापुर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के अंदुआ शनिचरा में चल रहे श्रीमद्भभागवत कथा के दूसरे दिन रविवार की रात कथावाचक कनकेश्वरी देवी ने सती चरित्र का सुन्दर वर्णन करते हुए बताया कि स्त्रियों को अपने पति से विमुख होकर कहीं नहीं जाना चाहिए। कथा व्यास ने मां पार्वती के जन्म,कामदेव के भस्म होने और भगवान शिव द्वारा विवाह के लिए सहमत होने की कथा सुनाई। कथा को आगे बढ़ाते हुए कनकेश्वरी देवी ने श्रोताओं को बताया कि राजा दक्ष प्रजापति ने भगवान शंकर का अपमान करने के लिए महायज्ञ का आयोजन किया था। जिसमें उसने भगवान शिव को छोड़कर समस्त देवताओं को आमंत्रण भेजा था। भगवान शंकर के मना करने के बाद भी सती अपने पिता के यहां जाने की इच्छा जताई तो भगवान शंकर ने बिना बुलाए जाने पर कष्ट का भागी बनने की बात कही। इसके बाद भी सती नहीं मानी और पि...