अल्मोड़ा, जनवरी 10 -- पति दहेज को प्रताड़ित करता था तो 11 साल तक कैसे साथ रहे। पीड़िता ने तब कोई शिकायत क्यों नहीं की। यह सवाल एक महिला की अपील पर जिरह के दौरान उठाए गए। फैसला सुनाते हुए जिला सत्र न्यायाधीश श्रीकांत पांडेय ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए फौजी पति को निर्दोष करार दिया। अधिवक्ता भगवती प्रसाद पंत और महेश चंद्र सिंह परिहार ने बताया कि अल्मोड़ा निवासी एक महिला ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर कुलाउ गरुड़ बागेश्वर निवासी पति एमएस परिहार पर आरोप लगाए थे। जनवरी 2023 में कोर्ट ने प्रार्थनापत्र स्वीकार कर पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस पर पुलिस ने पति के खिलाफ धारा 323, 498 ए, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। महिला का कहना था कि उसका विवाह जून 2011 में हुआ था। पति आर्मी जवान था तो वह उसे भी अपने साथ ले गया। यह भ...