विधि संवाददाता, जुलाई 13 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने महत्वपूर्ण आदेश पारित कर कहा है कि सरकारी नौकरी में कार्यरत पति-पत्नी की एक ही जनपद में तैनाती अनिवार्य नियम नहीं है। यह विभाग की सुविधा पर निर्भर है। यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन की एकल पीठ ने यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में कार्यरत पर्यावरण अभियंता अमित मिश्रा की सेवा सम्बंधी याचिका पर पारित किया है। याची का कहना था कि उनका जून 2022 में लखनऊ से कानपुर तबादला किया गया था। याची की पत्नी भी सरकारी नौकरी में है और कानपुर में ही कार्यरत है। दलील दी कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के स्थानांतरण 2024-25 की नीति के तहत पति-पत्नी दोनों नौकरी में हों तो एक जिले में तैनात करना चाहिए। यह भी पढ़ें- UP Rain: यूपी में पॉकेट रेन जारी, 14 तक होती रहेगी बारिश; हुई ये भविष्यवाणी कोर्ट ने कहा कि याची का...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.