बेगुसराय, अक्टूबर 24 -- सिमरिया धाम, एक संवाददाता। इस कलयुग में भी वही सनातनी पत्नी कहलाती है जो पति की सब प्रकार से सेवा करने वाली होती है। कुल खानदान का नाम करने वाली होती है तथा जो अपने पति को कर्म और धर्म के प्रति सदैव प्रेरित करती है वही सच्ची पत्नी कहलाने योग्य होती है। उक्त बातें शुक्रवार को राजकीय कल्पवास मेला सिमरिया के सर्वमंगला सिद्धाश्रम के ज्ञानमंच से श्रीमद्भागवत कथा के प्रवचन के दौरान स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि आज हम स्वतंत्र भारत के प्राणी कहलाते हैं। मानव कहलाते हैं फिर भी हम परतंत्रता की बेड़ी में जकड़े हुए हैं। वह धरती धन्य है जो अपनी संस्कृति और संस्कार को बनाए रखती है। कहते हैं कि एक तो प्रभु किसी को अपनाते नहीं और उन्होंने जिनको अपना लिया उसको कभी छोड़ते नहीं। कहा कि अभिषेक करने से त्रै ताप समा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.