औरैया, फरवरी 6 -- औरैया, संवाददाता। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश कि चीनी मांझे से होने वाली मौत को हत्या की श्रेणी में माना जाएगा। इसके बावजूद जिले में यह जानलेवा मांझा पूरी तरह खत्म नहीं हो सका है। मकर संक्रांति और बसंत के मौसम में पतंगबाजी बढ़ते ही खतरा भी बढ़ गया है। जिले के शहरी और कस्बाई इलाकों में छतों पर दिनभर पतंगें उड़ती नजर आ रही हैं, वहीं सड़कों पर चलने वाले राहगीर और दोपहिया वाहन सवार हर वक्त खतरे में हैं। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सामने आया कि प्रशासनिक सख्ती के बाद भी चीनी मांझा पूरी तरह बाजार से गायब नहीं हुआ है। खुलेआम बिक्री भले न हो रही हो, लेकिन लोकल स्तर पर इसकी सप्लाई अब भी बनी हुई है। बताया जा रहा है कि यह मांझा जिले के बाहर से लाकर चोरी-छिपे खपाया जा रहा है। खासकर घनी आबादी वाले इलाकों और ऊंची इमारतों वाले मोहल्लों में पत...