महोबा, फरवरी 6 -- महोबा, संवाददाता। चाइनीज मांझे से हो रहे हादसा के बाद भी जिले में गुपचुप तरीके से खतरनाक मांझा खतरा की आहट दे रहा रहा है। व्यापारी चाइनीज मांझा की ब्रिकी न करने का दावा कर रहे है। मगर सवाल यह उठता है कि अगर व्यापारी ब्रिकी नहीं कर रहे तो पतंगबाजों के पास यह खतरनाक सामग्री कहां से मिल रही है। लोगों ने भी इस खतरनाक मांझा को खतरा बताया है। शहर में पतंगबाजी मकर दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह से शुरु होती है और बसंत पंचमी तक पतंगबाजी का दौर चलता रहा। शहर की बात करें तो पतंग की बीस से तीस दुकानें संचालित है। पूर्व में पतंगबाजी को लेकर चाइनीज माझा से हादसा भी हो चुके है। मगर इसके बाद भी पतंगबाज इस खतरनाक मांझा का प्रयोग कर रहे है। अब सरकार ने चाइनीज मांझे की ब्रिकी पर सख्ती करने का निर्णय लिया है। पतंगबाजी में दूसरे की पतंग काटने क...