पीलीभीत, जनवरी 16 -- पीलीभीत। बाघों के लिए विख्यात हो रहे पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अब पतंगबाजी भी इससे अछूती नहीं रही। पतंगों पर बाघ की छाप आने के बाद पतंगे हाथों हाथ बिक गई। बच्चे ही नहीं बड़े भी बाघ छाप पतंगों के मुरीद रहे। मकर संक्रांति के पर्व से वसंत पंचमी तक लगातर ही पतंगबाजी की जाती है। युवाओं से लेकर अन्य शौकीन भी पतंगबाजी करते हैं। इस बार पतंगों पर बाघ समेत अन्य की छाप भी बाजार में है। इधर चाइनीज मांझा को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। वन विभाग की टीम ने गांव से लेकर शहर तक निगरानी बढ़ा दी है। पर अब तक चाइनीज मांझा नहीं पकड़ा गया है। इस बीच पतंगबाजी को लेकर बढ़ रही रौनक के बीच बाघों वाली पतंग चर्चा में हैं। डीएफओ ने की छापामारी डीएफओ भरत कुमार डीके ने शहर समेत अन्य स्थानों पर चाइनीज पतंगों को लेकर छापामारी की। ताकि वन्य...