उन्नाव, अगस्त 11 -- उन्नाव। कभी सूत और रेशम के धागों से उड़ाई जाने वाली पतंग में अब प्रतिबंध के बाद भी चाइनीज मांझे का प्रयोग हो रहा है। रक्षाबंधन त्यौहार पर एक युवक की चाइनीज मांझे ने जान ले ली। इसके पहले एक अधिवक्ता भी इसी मांझे की चपेट में आकर घायल हो चुके हैं। जिम्मेदारों की बेफिक्री के कारण चाइनीज मांझा खुलेआम बाजार में बिक रहा है। यह मांझा इतना खतरनाक होता है कि पक्षियों के अलावा इंसानों तक की जान ले लेता है। पतंग व मांझे के दुकानदारों का कहना है कि एक दूसरे की पतंग काटने की होड़ में लोग चायनीज मांझे से ही पतंग उड़ाने में दिलचस्पी रखते हैं। शर्त लगाकर पतंगों के पेंच लड़ाने वाले लोग चाइनीज मांझे क ी डिमांड करते हैं, दुकानदार चोरी छिपे नाम बदलकर चाइनीज मांझे की बिक्री करते हैं। शहर के ज्यादातर दुकानदार कानपुर से ही माल लाकर उसकी बिक्री कर...
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