नई दिल्ली, फरवरी 8 -- जिस देश में अब भी लाखों बच्चे स्कूल की चौखट तक नहीं पहुंच पाते, वहीं एक शिक्षिका ने गलियों, झुग्गियों और दीवारों को ही क्लासरूम बना दिया। उसी मेहनत और सोच का नतीजा है कि रूबल नागी आज पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान के लिए उन्हें 5 फरवरी को GEMS Education Global Teacher Prize से सम्मानित किया गया है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के साथ उन्हें करीब 1 मिलियन डॉलर (लगभग 8 करोड़ रुपये) की इनामी राशि भी मिली है। दुबई में हुए इस समारोह में हजारों नामांकनों के बीच रूबल नागी को सर्वश्रेष्ठ शिक्षिका चुना गया।कौन हैं रूबल नागी रूबल नागी सिर्फ एक टीचर नहीं, बल्कि एक आर्टिस्ट और समाजसेवी भी हैं। उन्होंने Rouble Nagi Art Foundation की स्थापना कर उत्तर प्रदेश के झुग्गी-झोपड़ी इलाकों में र...
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