उन्नाव, दिसम्बर 9 -- उन्नाव। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान और मनमाने समायोजन की मार से पहले ही लड़खड़ा रही परिषदीय शिक्षा अब अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के ऐन पहले बड़े संकट में फंस गई है। स्कूलों में न तो पर्याप्त शिक्षक मौजूद हैं, न कक्षाएं नियमित रूप से चलीं और न ही पूरा पाठ्यक्रम पूरा हुआ है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि पढ़ाई अधूरी रहने के बावजूद 10 दिसंबर से शुरू हो रही परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित होगी और बच्चों का वास्तविक प्रदर्शन कैसे आंका जाएगा। जनपद के परिषदीय स्कूलों में इस समय शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित है। समायोजन की अव्यवस्थित प्रक्रिया और अब एसआईआर में शिक्षकों की जिम्मेदारियों के चलते स्कूलों में नियमित पठन-पाठन ठप हो गया है। जिन स्कूलों में एकल शिक्षक या शिक्षामित्र केभरोसे कक्षाएं चल ...