नई दिल्ली, जनवरी 7 -- कड़ाके की ठंड में बेघर और मजबूर लोगों के लिए रैन बसेरे राहत का एकमात्र सहारा माने जाते हैं, लेकिन कई जगहों पर जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आती है। राजधानी दिल्ली के कई रैन बसेरों में बेसहरों को सिर पर छत तो मिल जाती है, पर ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। एम्स के समीप मेट्रो परिसर हो अस्पतालों के आस पास की जगहें वहां तिमारदारों सोते हुए देखे जा सकते हैं। रैन बसेरों में खाट की कमी, साफ पानी और गर्म पानी की कमी, साफ-सफाई और सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतें लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। कई जगह सुविधाएं अच्छी हैं तो भरा है लेकिन कहीं रैन बसेरे खाली भी पड़े हैं। रैन बसेरों में रहने वालों ने चूहा, गंदे कंबल, खाना की गुणवत्ता सहित सुविधाओं की कमी पर दबे स्वर में आवाज उठाते हैं। तो कई लोग इसलिए भी शिकायत करने से बच रहे थे कि नाम...
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