गंगापार, फरवरी 2 -- विकास खंड जसरा अंतर्गत ग्राम पंचायत पचखरा में चल रहे नौ दिवसीय श्री राम चरित मानस नवान्हपारायण पाठ एवं श्री राम कथा के पांचवें दिवस राम वन एवं राजा दशरथ के विलाप की कथा सुनकर पंडाल में मौजूद भक्तों की आंखों से अश्रु धारा बह निकली। कथावाचक पंडित श्याम सुंदर पाठक ने कहा कि राम अचल शुक्ला ने कहा कि राजा दशरथ के राम राम कह कर बेहोश होने के बाद रात्रि भर महल में पड़े रहे। सुबह राजा दशरथ के दरबार में न आने पर सुमंत महल के अंदर गए और राजा दशरथ के दुःख का कारण पूछा।इस पर कैकेई ने श्री राम को बुलाया। श्री राम पिता की आज्ञा और मां की संमति मान कर वन जाने की तैयारी करते हैं और भाई लक्ष्मण व पत्नी सीता के साथ वन के लिए प्रस्थान करते हैं। इस अवसर पर आयोजक विश्वनाथ प्रताप सिंह, कमलाकर सिंह,विश्वेश्वर नाथ तिवारी, अरुण कुमार केसरवानी,...
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