मुंगेर, अक्टूबर 13 -- धरहरा, एक संवाददाता। धरहरा प्रखंड के धरमपुर मुशहरी गांव में बच्चों की शिक्षा का रास्ता खतरे से खाली नहीं। यहां प्राथमिक विद्यालय धरमपुर मुशहरी में वर्ग एक से पांच तक के करीब दर्जनों बच्चे रोज़ाना धान के खेतों के बीच बनी सकरी पगडंडी से होकर स्कूल पहुंचते हैं। चारों ओर लहलहाती फसलें, बीच में दलदल मेड़, और हर वक्त जहरीले जीव-जंतुओं का डर। इन नन्हें विद्यार्थियों का रोज़ का सफ़र है। सुबह बस्ता टांगे जब बच्चे स्कूल की ओर निकलते हैं, तो कोई पैर फिसलने से गिर पड़ता है, तो कोई डर के मारे रास्ते में साथियों का हाथ थामे चलता है। ग्रामीण बताते हैं बरसात में यह रास्ता कीचड़ और पानी से भर जाता है। कई बार सांप-बिच्छू निकल आते हैं। बच्चों को डर के साए में स्कूल जाना पड़ता है। कक्षा चार के छात्र सत्यम कुमार ने कहा कि हमलोग रोज़ डरते...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.