जामताड़ा, मार्च 1 -- जामताड़ा, प्रतिनिधि। जामताड़ा के किसान अब पके केले के छिलके से ऑर्गेनिक खाद बनाएंगे और उसका उपयोग खेतों में करेंगे। यही नहीं ऐसे कई तकनीक किसानों को सिखाई जा रही है। जिसका उपयोग हुआ खेती में कर अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं। इस प्रशिक्षण के लिए जामताड़ा जिले के रानीडीह तथा मोहरा गांव का चयन किया गया है। वही प्रशिक्षण देने की जिम्मेवारी तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय की छात्राओं को दी गई है। पिछले पांच दिनों से इन कॉलेज की 21 छात्राएं गांव के विभिन्न टोला में घूम-घूम कर ग्रुप बनाकर महिला तथा पुरुष किसानों को प्रशिक्षण दे रही है। यही नहीं प्रैक्टिकल के माध्यम से भी किसानों को तकनीकी जानकारी दी जा रही है। ताकि वह बेहतर ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त कर सके और दी जा रही है। जानकारी के उपयोग अपने खेती कार्य में कर सकें। रीवा कार्यक्र...
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