नवादा, जनवरी 3 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। आसमान का तारा देखो, दुल्ली चंद का बरा देखो... एक दौर में यह नारा नवादा जिले के पकरीबरावां की गलियों में गूंजता था। आज यह महज एक नारा नहीं, बल्कि एक विरासत की पहचान बन चुका है। मैदा और चीनी के अनूठे संगम से तैयार होने वाली पकरीबरावां की सुप्रसिद्ध बरा मिठाई आज अपनी मिठास से सरहदों को लांघ चुकी है। खाड़ी देशों (गल्फ) से लेकर पड़ोसी देश नेपाल तक, इस मिठाई के दीवाने हर जगह मौजूद हैं। तीन पीढ़ियों का स्वाद और वही शिद्दत आज भी बरकरार रहने से पकरीबरावां की बरा मिठाई लगातार अपने पंख पसार रही है। इस मिठाई को अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाने का श्रेय पकरीबरावां के स्वर्गीय दुल्ली चंद को जाता है। जेपी आश्रम सोखोदेवरा का भ्रमण करने पहुंचे देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ.राजेन्द्र प्रसाद ने उनकी ही दुकान में इस मि...