भागलपुर, जनवरी 7 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। ऑनलाइन दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने का नियम उन लोगों पर भारी पड़ गया, जो दिव्यांगता के मानक पर खरा न उतरने के बावजूद प्रमाण पत्र बनवा लेने की हसरत पाले बैठे थे। दिव्यांग न होने के बावजूद सेटिंग के जरिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले आवेदकों को जब दस्तावेज के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों के सामने प्रस्तुत होने की नौबत आई तो जिले के करीब 4300 आवेदक गायब हो गये। इन आवेदकों की मेडिकल जांच करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग राह देख रहा है कि ये लोग बीते कई सालों से दस्तावेज के साथ हाजिर होने का नाम नहीं ले रहे हैं। करीब पौने पांच साल पहले शुरू हुई थी ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा बिहार में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा एक अप्रैल 2021 में शुरू हुई थी। च...
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