गंगापार, दिसम्बर 5 -- पंप नहर पकरी सेवार का तटबंध दोबारा टूट गया, जिससे किसानों को इस बार भारी क्षति हुई। किसानों ने नहर टूटने की जानकारी दैनिक कर्मचारी दारा निषाद को दिया, लेकिन वह नहर का संचालन बराबर करता रहा। यदि किसानों की बात को कर्मचारी गंभीरता से लिए होते तो तटबंध में भारी दरार न पड़ती। किसान ऋषि चन्द सोनकर ने बताया कि इस बार नहर में पानी अधिक लोड होने से तट बंध टूटने के बाद दो दर्जन से अधिक किसानों के खेतों को नुकसान पहुंचा है, जिन किसानों ने अपने खेतों में समय पर गेहूं की बोआई कर रखी थी, उन्हें भी भारी चोट लगी है। तटबंध की मरम्मत कराने वाले ठेकेदार मनोज कुमार सिंह ने बताया कि तट बंध की मरम्मत करवाने के बाद उन्होंने मेन नहर में पानी न छोड़ने का आग्रह कर्मचारियों से कर रखा था, लेकिन कर्मचारी मनमानी कर बैठा जिससे तटबंध टूट गया। किसानो...
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