नई दिल्ली, अक्टूबर 14 -- नोएडा। भारतीय शास्त्रीय संगीत को पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलाने में भारत रत्न पंडित रविशंकर का बड़ा योगदान है। सोमवार को पंडित जी के शिष्य और जाने माने संतूर वादक पंडित तरूण भट्टाचार्य के संतूर वादन ने माहौल बना दिया। पंडित तरूण भट्टाचार्य के संतूर वादन में मैहर घराने की वही लयकारी, तान सरगम और तिहाई सुनने को मिलीं। उन्होंने लोकप्रिय शास्त्रीय राग किरवानी बजाया। श्रोताओं में पद्मश्री कथक नृत्यांगना नलिनी-कमलिनी अस्थाना भी थीं। पंडित तरूण भट्टाचार्य के साथ तबले पर पंडित प्रसेनजीत पोद्दार संगत कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरूआत में शास्त्रीय संगीत सीख रहे छोटे बच्चों ने राग यमन की प्रस्तुति दी। इसके बाद कबीर पर एक कथक बैले किया गया। जिसका निर्देशन लिली भट्टाचार्य ने किया था। इस प्रस्तुति में दीपांशु, इक्षिता, पारिज...
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