चंडीगढ़, जुलाई 7 -- दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली करारी हार के बाद अब पंजाब ही ऐसा सूबा है, जहां उसकी सरकार है। 2027 में पंजाब में भी विधानसभा के चुनाव होने हैं और यहां कांग्रेस दूसरे नंबर की पार्टी है और काफी ताकतवर है। ऐसी स्थिति में आम आदमी पार्टी नहीं चाहती कि किसी भी कीमत पर पंजाब की सत्ता जाए। ऐसा होने पर उसके हाथ में किसी भी राज्य की सरकार नहीं रहेगी और फिर अस्तित्व की लड़ाई वाले हालात हो जाएंगे। इसके चलते सत्येंद्र जैन, मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल के करीबी विजय नायर यहीं डटे हुए हैं। भले ही पंजाब में पार्टी को मजबूत करने के नाम पर ये नेता वहां डटे हैं, लेकिन वहां पंजाब बनाम दिल्ली वाला संघर्ष भी शुरू हो गया है। इस आंतरिक संघर्ष के चलते आम आदमी पार्टी पर राजनीतिक विपक्षी भी हमला बोल रहे हैं। चंडीगढ़ के सेक्ट...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.