अररिया, फरवरी 14 -- भरगामा, (एस)। मानव को पंच पाप से बचना चाहिए। नियमित सत्संग और ध्यान से मानव का मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। यह बातें कुशमौल में स्वामी शुकदेवानंद जी महाराज की स्मृति में आयोजित समारोह में संतमत के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी सत्य प्रकाश जी महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि जो आवागमन के बंधन से मुक्त हो वही संत है। कार्यक्रम के प्रारंभ में स्मृति स्थल पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय संतमत महा सभा के महामंत्री दिव्यप्रकाश यादवेंदु ने सभी संत महात्मा का स्वागत किया। संत मत के स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने कहा कि सब से उत्तम मनुष्य योनि है शरीर कठिन तपस्या के बाद प्राप्त होता है। शरीर को परोपकार में लगाना चाहिए । ताकि आगे भी मनुष्य प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि जीवन में उदंडता और विनम्र...
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