गिरडीह, अप्रैल 21 -- जमुआ। झारखंड सरकार ने पंचायत के ग्रामीणों को सामूहिक कार्यों में पेयजलापूर्ति समेत अन्य निजी कार्यों के लिए प्रखंड के हर पंचायत को पानी टैंकर उपलब्ध कराया था। मुखिया द्वारा 2015-16 ई में 14वें वित्त मद से टैंकर की खरीददारी की गई थी। इसकी देखरेख का जिम्मा पंचायत के मुखिया एवं पंचायत सचिव के पास था। हालांकि वर्तमान में टैंकर महज शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है। 14वें वित मद से पंचायतों में खरीदे गए टैंकर के इस्तेमाल के लिए विभागीय स्तर पर कई निर्देश भी जारी किए गए थे। जिसमें मुख्य रूप से अगर पंचायत के किसी गांव में पेयजल की किल्लत की सूचना मिली तो मुखिया को टैंकर में पानी भरकर गांव पहुंचाने की जिम्मेवारी दी गई थी। इसके अलावा निजी कार्य के लिए किसी को टैंकर की जरूरत हो, तो मुखिया को आवेदन देते हुए पंचायत सचिव से 400 रुपए का...
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