सहारनपुर, दिसम्बर 7 -- सहारनपुर। श्री दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित छह दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के द्वितीय दिवस का मांगलिक कार्यक्रम अत्यंत भव्य और भावपूर्ण रहा। काशी नगरी के स्वरूप में निर्मित दिव्य मंच पर तीर्थंकर के गर्भ कल्याणक का मार्मिक वर्णन प्रस्तुत किया गया। श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति के बीच मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने तीर्थंकर के गर्भागमन से जुड़े अलौकिक प्रसंगों का विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की माता के गर्भ में आने से छः माह पूर्व ही देवलोक में उत्सव का वातावरण छा जाता है। संसार में दिन में तीन बार रत्नों की वर्षा होती है और समस्त लोक मंगलमय हो उठते हैं। मुनि महाराज ने सामान्य जीव को गर्भ में होने वाली पीड़ा, कष्ट और अंधकारमय अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके विपरीत तीर्थंकर के गर्भागमन के समय माता क...