अलीगढ़, जनवरी 14 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। जिले का खेरेश्वर चौराहा इन दिनों अपने आसपास चल रहे अवैध कार्यों के चलते बदनाम हो गया है। हाईवे व नादा चौराहे के इर्द-गिर्द 60 से अधिक होटल हैं, जहां धड़ल्ले से देह व्यापार हो रहा है। स्कूली छात्राओं को बिना रोक-टोक प्रवेश दिया जाता है। हैरानी की बात है कि किसी के पास सराय एक्ट का लाइसेंस तक नहीं है। न ही फायर की एनओसी है। सवाल है कि आखिर ये होटल किसकी 'कृपा' पर चल रहे हैं? जब कोई घटना हो जाती है तो कुछ दिनों के लिए होटलों को बंद कर दिया जाता है। बाद में फिर से होटल संचालित हो जाते हैं। शहर के बस स्टैंड व रेलवे स्टेशनों के अलावा आउटर में 60 से अधिक होटल संचालित हैं। इनमें अकेले रोरावर क्षेत्र में 32 होटल हैं। जबकि लोधा व बन्नादेवी 15-15 होटल चल रहे हैं। सबसे छोटा होटल चार कमरों का है, जबकि अधिक...
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