फतेहपुर, अगस्त 19 -- फतेहपुर, संवाददाता। धान का कटोरा कहे जाने वाला असोथर का इलाका इन दिनों सिंचाई के पानी को लेकर तरस रहा है। पानी में अभाव में धान की फ़सल सूखने लगी है। जिससे किसानो में हाय तौबा मची हुई है। पानी की किल्ल्त से जूझ रहें किसानों का आरोप है कि नहर विभाग व मौरंग खदान संचालकों की मजबूत जुगलबंदी के कारण करीब दस हजार किसान फांकाकसी की राह पर है।कठौता माइनर में क्षतिग्रस्त सागर ढोला पुलिया से पानी आगे नहीं निकल रहा है। बांदा जनपद के मर्का खादर खंड एक मौरंग खदान संचालको द्वारा बनाया गया किराये की भूमि बाईपास के कारण जो कुलाव नम्बर तीन की नाली को क्रास करता है।उसमें संचालकों द्वारा सीमेंटेड ढोलों को डालकर नाली के पानी को रास्ता दिया गया था, लेकिन खदान बंन्द होते होते अप्रैल मई में वह ढोले टूट कर चकनाचूर हो गये, जिसे साफ करना किसानो...
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