रांची, अक्टूबर 10 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड में न्यूनतम अर्हता पाने वाले सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षकों) पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसमें जिन सहायक अध्यापकों के न्यूनतम अर्हता के सर्टिफिकेट फर्जी पाये गये हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों को निर्देश दे दिया गया है। जिलों से कहा गया है कि वे ऐसे सहायक अध्यापकों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। राज्य में करीब एक हजार सहायक अध्यापक ऐसे हैं, जिन पर कार्रवाई की जाएगी। राज्य में इंटरमीडिएट प्रशिक्षित और स्नातक प्रशिक्षित सहायक अध्यापक कार्यरत हैं। सर्टिफिकेट जांच में इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक अध्यापक (पहली से पांचवी) का मैट्रिक, इंटरमीडिए व प्रशिक्षण के प्रमाणपत्रों की जांच की जानी थी, लेकिन ऐसे शिक्षकों के स्नातक के प्रमाणपत्रों की भी जांच की गई। वहीं, स्नातक प्रशिक...
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