बागपत, मई 4 -- । शहर के कोर्ट रोड की रहने वाली आस्था ने बताया कि वर्ष 2012 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद उसने जनपद के एक निजी कॉलेज में बीकॉम में एडमिशन लिया था। बताया कि तीनों सेमेस्टर की परीक्षा देने के बाद भी उसे मार्कशीट नहीं मिली, जबकि उसने कॉलेज की फीस समय से भरी थी। कॉलेज संचालक से इस संबंध में वार्ता की गई, तो उन्होंने जल्द ही मार्कशीट आने का आश्वासन दिया। महीनों बीत जाने के बाद भी जब मार्कशीट नहीं आई, तो वह और उसका भाई मेरठ यूनिवर्सिटी पहुंच गए। वहां पता चला कि जिस रोल नंबर पर उसे परीक्षा दिलाई गई, वह किसी ओर छात्र के नाम से दर्ज है। उसे कॉलेज द्वारा डिग्री भी जारी कर दी गई है। इस धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद पीड़िता न्यायालय की शरण में पहुंच गई। जिसके बाद न्यायाधीश ...
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