बगहा, फरवरी 5 -- हरनाटाड़। वीटीआर अब भारत में पाये जाने वाले नौ में आठ प्रजाति के गिद्धों का भी बसेरा बन गया है। व्हाइट रूम्पेड, हिमालयन ग्रीफोन, यूरेशियन ग्रीनफोन, रेड हेडेड, साइनेरस, इंडियन, लॉन्ग नेक्ड, एज्गपाइटन व वेयरडेड वल्चर भारत में पाये जाते हैं। वेयरडेड वल्चर को छोड़ शेष सभी आठ प्रजाति के गिद्ध वीटीआर में दिख चुके हैं। इससे इसकी जैवविविधता और मजबूत हुई है। विलुप्त होने के कगाद पर पहुंचे गिद्धों की संख्या बढ़ने से वीटीआर प्रशासन गदगद है। दो-तीन वर्ष पूर्व तक 5-10 की संख्या में दिखने वाले गिद्ध इन दिनों 50-60 से अधिक की संख्या के झुंड में दिखने लगे हैं। इसको देखते हुए वीटीआर प्रशासन ने गिद्धों के सुरक्षा व संरक्षण के लिए वीटीआर के वन प्रमंडल दो के गनौली व चिउटाहा के वनक्षेत्रों में गिद्ध संरक्षण केंद्र तेजी से बना रहा है। इसका कार...
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