लखनऊ, दिसम्बर 18 -- शहर के नौ नालों के जरिए बहकर आ रहा तीन टन से अधिक सिंगल यूज प्लास्टिक आदि गंगा मां गोमती नदी से निकाला जा रहा है। इस सिंगल यूज प्लास्टिक में सबसे अधिक दूध के पैकेट, डिस्पोजल गिलास, चिप्स बिस्कुट के पैकेट आदि शामिल है। इससे यह साफ है कि हम आम लोग गोमती को प्रदूषित करने में कितनी भूमिका निभा रहे हैं। अपनी आदतों को बदलकर हम गोमती को सिंगल यूज प्लास्टिक के कचरे से साफ रख सकते हैं। बस इसके लिए थोड़ी सी जागरूकता जरूरी है। यह बात सेंटर फॉर एनवायरमेंट एजुकेशन की सीनियर प्रोग्राम मैनेजर प्रीति कनौजिया ने एक जागरूकता कार्यक्रम में कही। हजरतगंज के एक होटल में सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एजुकेशन व एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज की ओर से ट्रेश शील्ड मॉडल पर राष्ट्रीय स्तर की बैठक हुई। इसमें नगर निगम, जलकल, सिंचाई विभाग के अफसर और सीएमएस, आईट...
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