भागलपुर, दिसम्बर 28 -- भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। मारवाड़ी पाठशाला के मैदान में चल रही नौ दिवसीय रामकथा में कड़ाके की ठंड के बावजूद भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। वहीं कथावाचक रामेश्वर उपाध्याय ने कहा कि राम नाम अमृत के समान है, जिससे अमरत्व की प्राप्ति होती है। कथा केवल ज्ञान देने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की व्यथा समाप्त करने के लिए है। कथावाचक नीलम शास्त्री ने कहा कि अज्ञानरूपी निद्रा से जागने पर प्रभु की कृपा स्वतः मिलने लगती है और क्रोध अज्ञान की पराकाष्ठा है। वहीं, कथावाचक रवि किशन महाराज ने कहा कि परशुराम के भीषण क्रोध को भी भगवान श्रीराम ने अपनी विनम्रता और मुस्कुराहट से शांत कर दिया था। उन्होंने कहा कि क्रोध को केवल प्रेम से जीता जा सकता है, क्रोध से नहीं। समिति के सदस्यों ने बताया कि रविवार को मानस कोकिला कृष्णा मिश्रा क...
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