बागेश्वर, मई 2 -- जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने शुक्रवार को जिला कार्यालय में स्प्रिंगशेड एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी की बैठक ली। इसमें उन्होंने जल संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जल स्रोत जैसे नौले-धारे और नदियों का संरक्षण और पुनर्जीवन समय की आवश्यकता है। इस दिशा में ठोस और दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाई जाए, जिसमें इंटरनल मेकैनिज्म विकसित करते हुए वैज्ञानिक पद्धति को अपनाया जाए। जिलाधिकारी ने वर्षा जल के संग्रहण और संरक्षण हेतु विभागीय स्तर पर लक्ष्य निर्धारित करने तथा सघन वृक्षारोपण, खंती, चाल-खाल, चेक डैम और अन्य जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि, उद्यान, सिंचाई, लघु सिंचाई, जल संस्थान, ज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.