आजमगढ़, फरवरी 8 -- आजमगढ़,संवाददाता। हरिऔध कला केंद्र में शुरूआत समिति के सहयोग से आयोजित आजमगढ़ पुस्तक मेला का समापन रविवार को हो गया। आखिरी दिन 'आजमगढ़ की साहित्यिक इतिहास' पर कार्यक्र्रम हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ संगीत महाविद्यालय हरिहरपुर के शिक्षक मोहन मिश्रा और उनके विद्यार्थियों के स्वागत गीत प्रस्तुति से हुई। ऑनलाइन अपनी बात रखते हुए प्राणी उद्यान लखनऊ एवं संरक्षक पक्षी विहार उप्र के निदेशक संजय विश्वास ने कहा कि पिछले 26 वर्षो से पुस्तक मेले की निरंतरता को बनाये रखना वास्तव में काबिले तारीफ है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि विद्यार्थी प्रति दिन सिर्फ पांच पक्षियों को पहचानना शुरू कर दे, तो पक्षी संरक्षण में उनकी भूमिका बढ़ जाएगी और ऐसे विद्यार्थियों को प्राणी उद्यान लखनऊ में आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा। सम...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.