गोण्डा। एसएन शर्मा, मार्च 5 -- बेटे को तैयार कर स्कूल भेजते समय गोंडा की वंदना सिंह को अचानक एक आईडिया आया। इस विचार ने न सिर्फ उनकी पूरी जिंदगी बदली, बल्कि अन्य कई महिलाओं के रोजगार का रास्ता बनाया। कभी परिवार को संभालने के लिए उन्होंने दो निजी स्कूल मे शिक्षिका की नौकरी की। एक दिन स्वावलंबी बनने का संकल्प लिया। थोड़ी सी पूंजी लगाई और बच्चों की ड्रेस सिलने का कारोबार शुरू कर दिया। मुख्यालय के मालवीय नगर की रहने वाली वंदना सिंह विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के पारंपरिक परिधान व पोशाकें तैयार कर रही हैं। पांच वर्षों में उनका व्यवसाय जम चुका है। समूचे देवीपाटन मंडल में उनके यहां ऐसे परिधानों व पोशाको के आर्डर खूब आ रहे हैं। असम हो या मेघालय, पंजाब हो तमिलनाडु, सेना हो या कव्वाली गायक, सभी के लिए परिधान उनकी वर्कशॉप में तैयार होते हैं। यही वज...
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