रांची, अक्टूबर 8 -- झारखंड में युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नक्सली बता सरेंडर करने का मामला सामने आया है। मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया है,जिसपर कोर्ट ने सोरेन सरकार से जवाब मांगा था। सरकार ने अदालत से और समय देने का आग्रह किया है। झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि युवाओं को ट्रेनिंग दिलाने की कानूनी वैधता थी या नहीं। मामले की गंभीरता को समझते हुए झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सरकार को जांच और कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह बताने को कहा है कि युवाओं को ट्रेनिंग दिलाने की कानूनी वैधता थी या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर में होगी। इस संबंध में झारखंड काउंसिल फॉर डेमोक्रेट राइट ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि व...
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