निशांत कौशिक, जनवरी 20 -- नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता का शव बचाव दल ने घटना के करीब साढ़े चार घंटे बाद बरामद कर लिया था, लेकिन उनकी कार तीन दिन बाद यानी चौथे दिन भी गड्ढे में भरे पानी से निकाली नहीं जा सकी। कार कहां फंसी है, किस हाल में है, इसकी कोई जानकारी जांच टीम को नहीं है। अब पुलिस कार को निकालने के लिए सोनार तकनीक का सहारा लेगी।हमारा काम जिंदगी बचाना, कार निकालना नहीं : विभाग हादसे के तीन बाद भी युवराज की कार अब भी गड्ढे में फंसी है। मामले में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, दमकल ने पानी में डूबी कार को निकालने से मना कर दिया। सभी विभागों का कहना है कि उनका काम व्यक्ति को बचाना है, डूबी हुई कार को निकालना नहीं। इसकी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की है।पानी से भरे गड्ढे में डूबी है कार इंजीनियर युवराज की कार 16 जनवरी की रात करीब 12 बजे ...