बरेली, फरवरी 7 -- 'दहेज के लिए स्त्री की हत्या, ऐसा अपराध है जो न केवल नृशंस है, बल्कि बर्बर एवं पाश्विक प्रवृत्ति का भी है। दहेज की मांग के सम्बन्ध में महिला की हत्या करने से गंभीर तथा जंगली प्रकृति का कोई अन्य अपराध नहीं हो सकता है। यह तल्ख टिप्पणी फास्ट ट्रैक प्रथम रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने नवाबगंज की विवाहिता फराह की दहेज की खातिर बांके से नृशंसतापूर्वक गर्दन काटकर हत्या करने के फैसले में की है। कोर्ट ने दोषी पति और सास-ससुर को मौत होने तक फांसी के फंदे पर लटकाने का आदेश दिया है। जज रवि कुमार दिवाकर ने अपने फैसले में लिखा है कि दहेज की खातिर किसी वधू की जब हत्या की जाती है तो समाज के प्रत्येक व्यक्ति द्वारा इसकी निंदा की जानी चाहिए। केस की सुनवाई में जब यह साबित हो गया है कि आरोपियों ने दहेज की मांग के संबंध में महिला की निर्मम हत्...
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