बिहारशरीफ, अक्टूबर 11 -- नुक्कड़ पर चुनाव : सरमेरा बाजार नेताजी को चाहिए वोट, आमलोगों की समस्या से कोई लेना-देना नहीं चुनाव आते ही बन जाते हैं लोगों का हितैषी, मतदान होते ही उनके दर्शन दुर्लभ अपना चेहरा चमकाने में लगे रहते हैं नेताजी टिकट के लिए भाग-दौड़, नहीं मिलने पर अपने आका को भी नहीं छोड़ते हैं वे सरमेरा, निज संवाददाता। स्थानीय बाजार के चौराहे पर इस समय चुनावी माहौल की गर्मी और चाय की भाप दोनों साथ-साथ उठ रही है। चौक पर लगे पोस्टर, बैनर और माइक से बजते गीतों के बीच हर किसी की जुबान पर एक ही बात है-नेताजी फिर आ गए, वोट मांगने। हर बार की तरह इस बार भी वही दृश्य है। वही वादे, वही भाषण, वही चमकते चेहरे और वही अनसुनी समस्याएं। फर्क सिर्फ इतना है कि जनता अब पहले से ज्यादा जागरूक और नाराज दिख रही है। सरमेरा बाजार में चाय की दुकानें इन दिनों रा...
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